जबलपुर जिले में निर्मित रानी अवंती बाई सागर (बरगी जलाशय) की बाँयी और दाँयी नहर प्रणाली से कुल मिलाकर लगभग 4 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी, रीवा और सतना जिलों में निर्मित होगी। इससे हजारों गाँव को सिंचाई का लाभ मिलेगा लेकिन अपनी भौगोलिक परिस्थिति के कारण कुछ गाँव ऐसे भी हैं जहाँ साधारण तौर पर नहर प्रणाली का जल नहीं पहुँच सकता। बरगी जलाशय की दाँयी मुख्य नहर से कुछ दूरी पर जबलपुर जिले के ऐसे ही छह गाँव के किसान अपने आपको दुर्भाग्यशाली मान रहे थे क्योंकि नहर के नजदीक होने के बावजूद ऊँची पहाड़ी पर बसाहट के कारण इन्हें सिंचाई लाभ मिलना संभव नहीं था।नहर से दो-तीन किलोमीटर दूरी पर बसे इन गाँव का कृषि रकबा तो सूखा था ही, पीने के पानी के लिये भी तीन किलोमीटर दूर किसी जल स्त्रोत से पानी ढोकर लाना पड़ता था। इन परिस्थितियों में पशुधन की स्थिति भी बेहाल थी। निराशा में आशा की किरण मानकर गाँव के किसानों ने किसी तरह अपनी पीड़ा प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुँचाई। मुख्यमंत्री ने 14 जुलाई 2010 को जबलपुर जिले के बिजोरा गाँव में अपने आगमन पर किसानों से यह वादा भी किया कि इन गाँव में नर्मदा का जल पहुँचाने के लिये आवश्यक परीक्षण करवाकर समुचित पहल करेंगे।