उच्चतम न्यायालय ने जर्मन भाषा के मुद्दे पर केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया है। नोटिस में केन्द्रीय विद्यालयों में तीसरी भाषा के रूप में संस्कृत पढ़ाने के लिए जर्मन भाषा की पढ़ाई बंद कराने के फैसले पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
न्यायालय ने केन्द्रीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों के अभिभावकों के समूह की जनहित याचिका पर यह नोटिस जारी किया।याचिका में सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है। केन्द्र सरकार को जवाब देने के लिए 28 नवम्बर तक का समय दिया गया है। इस बीच, मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने इस विवाद को आधारहीन बताया है। कल नई दिल्ली में श्रीमती ईरानी ने कहा कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में जर्मन नहीं है। जो भी इंडियन लैंग्वेज स्टूडेंट्स पढ़ना चाहें वो पढ़ सकते हैं। जर्मन एक फोरेन लैंगवेज है जो फोरेन लैंग्वेज के भांति पढ़ाई जा रही है तो जानबूझ कर केंद्रीय सरकार एक ऐसे एमओयू पर दस्तखत नहीं कर सकती थी जो थ्री लैंग्वेज फॉर्मूला को वायलेट करता है।