पंजाब के गुरूदासपुर जिले में गैर सरकारी संगठन दवारा आयोजित निःशुल्क नेत्र शिविर में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 15 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। ये सभी लोग अमृतसर जिले के हैं।
नेत्र ज्योति चले जाने के कुछ अन्य मामलों की भी खबरें मिल रही हैं लेकिन सही संख्या की जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। इन प्रभावित मरीजों में ज्यादातर वृद्ध महिलाएं हैं जो अपनी ऑपरेशन की गई एक या दोनों आंखों की रोशनी खो बैठी हैं। इनके नवम्बर के पहले सप्ताह में मोतिए के ऑपरेशन हुए थे। क्योंकि मोतिए के ऑपरेशन के बाद ठीक होने में कुछ समय लगता है तो जब इनकी आंखों की पट्टियां खुली, उसके कुछ दिनों के बाद इन्होंने यह जाना कि इनकी आंखों की रोशनी चली गई है। तब इन्होंने अमृतसर के डिप्टी कमिशनर से कार्रवाई करने के लिए मुलाकात की। इस समय जो डॉक्टर इन प्रभावित व्यक्तियों की देखभाल कर रहे हैं उनका यह मानना है कि बिना स्टैबलाइज किए इन यंत्रों से ऑपरेशन करना इस नाकामयाब ऑपरेशनों का कारण हो सकता है।