अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तानसेन संगीत समारोह 12 से 15 दिसम्बर के दौरान तानसेन समाधि परिसर, हजीरा, ग्वालियर में होगा। मध्यप्रदेश के संस्कृति विभाग के इस प्रतिष्ठा आयोजन का शुभारंभ 12 दिसम्बर को सुबह 9.30 बजे हरिकथा मीलाद से होगा।
समारोह के शुभारंभ के अलावा इस आयोजन में 5 संगीत सभा होगी। इसके अलावा 14 दिसम्बर की दोपहर में संगीत के सोदाहरण व्याख्यान पर केन्द्रित वादी-संवादी कार्यक्रम होगा। समारोह के दौरान रंग संभावना और रागदारी प्रदर्शनी भी लगायी जायेगी। तानसेन समारोह की प्रथम सभा का शुभारंभ शाम 7 बजे होगा। श्री प्रभाकर कारेकर मुम्बई को तानसेन सम्मान से संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा विभूषित करेंगे। सभा माधव संगीत महाविद्यालय ग्वालियर के छात्रों के ध्रुपद गायन से शुरू होगी। इसके बाद श्री कारेकर की गायन प्रस्तुति होगी। इसी सभा में पार्थो बोस (कलकत्ता) का सितार-वादन होगा। सभा का समापन श्रीराम कुमार मलिक के ध्रुपद गायन से होगा। समारोह के दूसरे दिन 13 दिसम्बर की सुबह की सभा का शुभारंभ 10 बजे होगा। आरंभ में महारूद मण्डल संगीत महाविद्यालय ग्वालियर के छात्रों द्वारा ध्रुपद गायन किया जायेगा। इसके बाद सुश्री संहिता नंदी (दिल्ली) का गायन अनुप्रिया देवताले (दिल्ली) का वायोलिन-वादन और श्री उदय भवालकर (पुणे) का ध्रुपद गायन होगा। अंत में श्री अलंकार सिंह (पटियाला) का गायन होगा। शाम की सभा का शुभारंभ भारतीय संगीत महाविद्यालय, ग्वालियर के छात्रों के ध्रुपद गायन से होगा। सुप्रसिद्ध संगीतज्ञ श्री इकबाल अहमद (दिल्ली) का शास्त्रीय गायन एवं श्री दानिश असलम खाँ (दिल्ली) का सरोद वादन होगा। अंत में श्री फाल्गुनी मित्रा (कोलकाता) का ध्रुपद गायन होगा।