राष्ट्र आज संसद हमले की 13वीं बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के नेतृत्व में सांसदों ने इस हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की
। 13 दिसंबर को इस लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर संसद की रक्षा के लिए जिन लोगों ने बलिदान दिया है, उनको यह देश कभी भूल नहीं सकता। मैं आज के अवसर पर उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उन परिवारों के प्रति भी हृदय की गहराइयों से सम्मान की अभिव्यक्ति करता हूं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि देश उन शहीदों को सलाम करता है जिन्होंने 2001 में संसद की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिये। वर्ष 2001 में अत्याधुनिक हथियारों से लैस लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकवादियों ने संसद के उच्च सदन पर दिन में करीब साढ़े ग्यारह बजे धावा बोल दिया था। वे खुद को कमांडो बताते हुए सादे कपड़े पहन कर संसद में घुसे। काफी संघर्ष के बाद सभी पांच आतंकवादियों को मार गिराया गया। इस मुठभेड़ में संसद सुरक्षा सेवा के दो कर्मचारी, दिल्ली पुलिस के पांच पुलिसकर्मी समेत सीआरपीएफ की एक महिला कॉन्सटेबल शहीद हो गए थे। इसके अलावा इस हमले में केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग का एक माली भी मारा गया था। इस दुखद घटना के 13 साल बाद, हम आज भी, लोकतंत्र के मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले उन बहादुर शहीदों को याद करते हैं।