राज्यपाल श्री रामनरेश यादव ने 66वें गणतंत्र दिवस पर स्थानीय लाल परेड ग्राउण्ड पर मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों का आव्हान करते हुए कहा कि यह हम सबके लिये गर्व की बात है
कि मध्यप्रदेश आज एक नई पहचान बनाकर सुशासन, जन-कल्याण और अधोसंरचना विकास में निरंतर आगे बढ़ रहा है।राज्यपाल श्री यादव ने कहा कि 26 जनवरी, 1950 को हमने संविधान को अंगीकार कर गणतंत्र का रूप लिया। आज हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इसका श्रेय हमारे संविधान के निर्माताओं और लोकतंत्र की परम्पराओं को मजबूत करने वाली संस्थाओं को जाता है। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप इस वर्ष हमारी कृषि विकास दर लगभग 25 प्रतिशत है। तीन साल से प्रदेश को भारत सरकार का प्रतिष्ठित ‘कृषि कर्मण” पुरस्कार प्राप्त हुआ है। राज्यपाल श्री यादव ने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि जैविक खेती के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी है। देश के कुल जैविक कृषि उत्पादन में मध्यप्रदेश की भागीदारी 40 प्रतिशत है। किसानों को कृषि कार्य के लिये लगभग 10 घंटे बिजली दी जा रही है। स्थायी पम्प कनेक्शन की अनुदान योजना में इस वर्ष 74 हजार से अधिक कनेक्शन दिये गये हैं। इस वित्तीय वर्ष में टेरिफ सबसिडी और नि:शुल्क बिजली मद में राज्य सरकार ने विद्युत वितरण कम्पनियों को 4300 करोड़ की राशि अनुदान में दी है। राज्यपाल श्री यादव ने कहा कि कृषि से सम्बद्ध अन्य क्षेत्रों के विकास पर भी ध्यान दिया गया है। प्रदेश की दूध उत्पादन की 8.6 प्रतिशत वृद्धि दर देश में सबसे अधिक रही। उद्यानिकी को बढ़ावा देते हुए मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू की गई है। प्रदेश में उपलब्ध जल क्षेत्र में से 98 प्रतिशत क्षेत्र में मछली-पालन हो रहा है। मछुआरों को जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण देने के लिये क्रेडिट-कार्ड दिये गये हैं। इस साल पौने दो लाख मछुआरों का दुर्घटना बीमा करवाया गया है।