मध्य प्रदेश को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी अधिनियम के तहत किए गए श्रेष्ठ कार्यो के लिए दसवां राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री वीरेन्द्र सिंह ने कल नई दिल्ली
में मनरेगा सम्मेलन में राज्य के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव को यह पुरस्कार प्रदान किया। मध्यप्रदेश को यह पुरस्कार मनरेगा और अन्य योजनाओं के कन्वर्जन से स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने और स्थायी परिसम्पत्तियों के निर्माण में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए दिया गया है। मनरेगा कन्वर्जन से स्थायी सम्पत्तियों के निर्माण में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर है। राज्य में मनरेगा से 74 प्रतिशत स्थायी परिसम्पत्तियों का निर्माण हुआ है। मनरेगा श्रमिकों को मजदूरी के त्वरित भुगतान और हिसाब-किताब में पारदर्शिता के उद्देश्य से राज्य में पिछले वर्ष अप्रैल से इलेक्ट्रोनिक फंड मेनेजमेंट व्यवस्था लागू की गई है।