मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने लोगों से झील, ताल-तलैयों, नदियों और सभी प्रकार के जल स्त्रोतों की रक्षा करने, उन्हें साफ-सुथरा रखने और सुंदर बनाने का संकल्प लेने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा अब विकास के साथ लोगों में मन की प्रसन्नता का स्तर बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। अब प्रसन्नता का इंडेक्स ऊपर उठाने के प्रयास किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा की जल अमृत है। इसे बचाने की जिम्मेदारी सबकी है। उन्होंने कहा कि भारत में जल की आराधना करने की परंपरा रही है। झीलें और नदियाँ मानव सभ्यता के विकास की साक्षी रही हैं। इन्हें बचाना और संभालकर रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा की पानी से जुड़ने और इसे बचाने का काम जनता की भागीदारी के बिना नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि भोपाल-ताल, भोपाल की आन-बान-शान है। इस शहर की खास पहचान है। भोपाल अब आई.टी. सिटी बनेगा, ग्रीन सिटी बनेगा, स्मार्ट सिटी और हेरीटेज सिटी बनेगा। भोपाल की झीलों की रक्षा करना और इनकी सुंदरता बनाये रखना सभी का धर्म है।