14 लाख 81 हजार लैपटॉप ही बांटे गये जिससे साढ़े चार लाख से अधिक योग्य छात्र योजना की लाभ से वंचित

नियंत्रक और महालेखा परीक्षक-सीएजी ने उत्तर प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा पास करने वालों को टैबलेट और लैपटॉप देने की राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में कई खामियां उजागर की हैं।

सामान्य और सामाजिक क्षेत्र के बारे में सीएजी की रिपोर्ट कल विधानसभा में रखी गई।

समाजवादी पार्टी की सरकार ने 2012 में सत्ता में आते ही दसवीं और बारहवीं पास छात्र, छात्राओं को टेबलेट और लैपटॉप बांटने के कार्यक्रम की शुरूआत की थी। सीएजी का कहना है कि पर्याप्त वित्तीय प्रावधान करने के बावजूद राज्य सरकार ने अर्हता प्राप्त सभी बच्चों को लैपटॉप नहीं बांटे और टैबलेट तो सिरे से बांटे ही नहीं गये। रिपोर्ट में कहा गया है कि 18 लाख 90 हजार के स्थान पर केवल 14 लाख 81 हजार लैपटॉप ही बांटे गये जिससे साढ़े चार लाख से अधिक योग्य छात्र योजना की लाभ से वंचित रह गये। सीएजी ने लैपटॉप बांटने के लिए कई जिलों में आयोजित उन भव्य कार्यक्रमों के खर्चों पर भी सवाल उठाये हैं जिनमें खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिरकत की थी और जिनमें कार्यक्रम का खर्च वहां बांटे गये लैपटॉप की कीमत से अधिक था।

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