आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकाल दिया गया है। योगेन्द्र यादव के समर्थक आनंद कुमार और अजीत झा को भी कार्यकारिणी से हटा दिया गया है। आज नई दिल्ली में हुई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में इन्हें हटाने का प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया गया। दो सौ 47 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, आठ ने प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया और 44 सदस्य मतदान से अनुपस्थित रहे।
आम आदमी पार्टी अब पार्टी की अनुशासनात्मक समिति में प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव के खिलाफ पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए शिकायत दर्ज कराएगी। दोषी पाए जाने पर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया जाएगा।
पार्टी संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने बैठक की अध्यक्षता की। बाद में श्री योगेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक में लोकतंत्र की हत्या हुई है। श्री यादव ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल के भाषण के बीच ही लोग उनके और प्रशांत भूषण के खिलाफ नारे लगा रहे थे।
इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लोकतंत्र की हत्या हुई है, पहले से तय था कि मीटिंग में हंगामा किया जाएगा। अरविन्द केजरीवाल ने भाषण दिया। भाषण के एकदम बाद कहा कि गोपालराय प्रेजीडेंट बनेंगे। फ्लोर से उसका विरोध हुआ। उसको सुना नहीं गया। लोकपाल को इस मीटिंग के अंदर आने नहीं दिया गया।
श्री प्रशांत भूषण ने कहा कि यह बैठक पूरी तरह तमाशा थी, क्योंकि उनकी आवाज दबाई गई और बैठक में लोकपाल की मौजूदगी नहीं थी।
श्री आनंद कुमार ने कहा है कि वे हटाए जाने के बावजूद पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।
बैठक के बाद पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि बैठक के दौरान झगड़े की खबरें आधारहीन और गलत हैं।