उच्चतम न्यायालय भूमि अधिग्रहण अध्यादेश दोबारा जारी किये जाने की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुनवाई करेगा। चार गैर सरकारी संगठनों ने अपनी जनहित याचिका में आरोप लगाया है कि भूमि अधिग्रहण अध्यादेश दोबारा जारी करके कार्यपालिका ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन किया है। याचिका में कहा गया है कि यह अध्यादेश पहली बार पिछले वर्ष दिसम्बर में जारी किया गया था और सरकार को भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 में संशोधन करते हुए संसद के सत्र में अध्यादेश की जगह विधेयक पेश करना चाहिए था। इसमें कहा गया है कि सरकार ने तीन अप्रैल को यह अध्यादेश दोबारा जारी करके असंवैधानिक कार्य किया है ।