गुजरात उच्च न्यायालय ने गिर अभयारण्य में रेत निकालने वाली 67 इकाईयों को बंद करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति जयंत पटेल और न्यायमूर्ति जी0 बी0 शाह वाली दो सदस्यों की पीठ ने एक जनयाचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
सूरत के नागरिक राजकुमार सुतरिया ने अपनी जनहित याचिका में कहा था कि गिर अभयारण्य क्षेत्र में अवैध खनन से एससीआई शेर सहित अनेक जंगली जानवरों के अस्तित्व पर खतरा पड़ सकता है। राज्य के वन विभाग द्वारा 67 इकाईयों को गिर अभयारण्य में शतरंजी नदी के तट पर वैध के खनन के लिए एनओसी नहीं देने के आश्वासन के बाद उच्च न्यायालय ने यह आदेश दिया है। इन खनन इकाईयों की मान्यता वर्ष 2014 में समाप्त हो चुकी है। गिर अभयारण्यीय पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्र के रूप में सुरक्षित स्थान है, जिसके आसपास के 10 किलोमीटर के क्षेत्र में निर्माण या विकास की कोई भी गतिविधि करने की इजाजत नहीं है।