इससे पहले सोल में आज भारतीय समुदाय की तरफ से आयोजित स्वागत समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास का अर्थ सिर्फ सड़कें और इमारतें बनाना नहीं, बल्कि लोगों का जीवन स्तर सुधारना है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने विकास का जो रास्ता अपनाया है वह कठिन है, लेकिन सभी समस्याओं का समाधान विकास है।
भारत की समस्याओं के समाधान की एक ही जड़ी-बूटी मुझे नजर आ रही है उस जड़ी-बूटी का नाम है विकास। हमारी सारी समस्याओं का समाधान विकास है। गरीब से गरीब परिवार में शिक्षा पहुंचानी है, आरोग्य की सुविधाएं पहुंचानी है, गरीब से गरीब को रहने के लिए पक्का घर देना है ये विकास के बिना संभव नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे भारत को मैन्युफैक्चरिंग का गढ़ बनाना चाहते हैं और विश्व की बेहतरीन टैक्नॉलॉजी देश में आनी चाहिए।
हमारी कोशिश है कि भारत मैन्यूफैक्चरिंग हब बने। दुनिया के पास जो टेक्नोलाजी है वो टेक्नोलाजी भारत में भी हो। और भारत के पास जो टैलेंट है उसमें नया इनोवेशन और रिसर्च हो ताकि दुनिया को हम कुछ दे सकें। और इसलिए मेक इन इंडिया को लेकर के मैं पूरे विश्व को आमंत्रित कर रहा हूं।
श्री नरेन्द्र मोदी कहा कि भारत को सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था माना जा रहा है और लोग भारत आने के लिए उत्साहित हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के बारे में दुनिया की सोच पिछले एक साल में बदली है। चीन और मंगोलिया की यात्रा के बाद अपनी विदेश यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री आज सुबह दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल पहुंचे। सोल में प्रधानमंत्री कोरिया युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए युद्ध स्मारक सोल नेशनल सिमिट्री गए। उन्होंने शहीद सैनिकों की स्मृति में पुष्पांजलि अर्पित की।