नर्मदा-क्षिप्रा लिंक से क्षिप्रा बेराज लबालब भरा

देवास नगर को पेयजल आपूर्ति के लिये क्षिप्रा नदी पर बना बेराज जो कभी मई और जून में पूरे देवास नगर को जल संकट की चपेट में ले लेता था अब साल भर से नर्मदा के जल से लबालब भरा है। यह संभव हुआ है नर्मदा-क्षिप्रा-सिंहस्थ लिंक परियोजना से।

परियोजना के जरिये नर्मदा का जल 348 मीटर उदवहन कर 48 किलोमीटर लंबी पाईप लाइन से क्षिप्रा उदगम पर प्रवाहित किया जा रहा है। लगभग सूख चुकी क्षिप्रा नदी को प्रवाहमान बनाने के लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की परिकल्पना को साकार करते हुए 25 फरवरी 2014 को परियोजना से जल प्रवाह आरम्भ किया गया था। देवास पेयजल आपूर्ति के लिये क्षिप्रा नदी पर बने बेराज का पूर्ण जलाशय स्तर 494 मीटर है। क्षिप्रा में प्रवाहित नर्मदा जल से बेराज 490.45 मीटर तक निरंतर भरा हुआ है। देवास नगर निगम, बेराज से वर्तमान में प्रतिमाह लगभग 150 एम.एल.डी. पेयजल प्राप्त कर रहा है। परियोजना से नगर के 33 हजार नल कनेक्शनधारी परिवार को अब आवश्यक जल आपूर्ति हो रही है। पेयजल की माँग बढ़ने पर भविष्य में माँग अनुसार जल-प्रदाय की पूर्ति परियोजना से हो सकेगी।

नर्मदा-क्षिप्रा-सिंहस्थ लिंक परियोजना की क्षमता प्रतिदिन 432 मिलियन लीटर जल उदवहन कर क्षिप्रा में प्रवाहित करने की है। परियोजना को नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा 432 करोड़ रूपये लागत से 14 माह की रिकार्ड अवधि में निर्मित किया गया था। परियोजना के आरम्भ होने से अब तक क्षिप्रा में 35.25 एम.सी.एम. जल प्रवाहित किया जा चुका है। क्षिप्रा के प्रवाहमान होने से क्षिप्रा क्षेत्र के भू-जल स्तर में भी बढ़ोत्तरी हुई है। इससे ग्रामीण अंचल के कुओं, हेण्ड-पम्प का जल-स्तर बढ़ने का लाभ भी इस गर्मी में ग्रामीणों को मिल रहा है।

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