मणिपुर में आज सुबह सेना की टुकड़ी पर उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर किये गये हमले में सेना के 20 जवान शहीद हो गये और 16 अन्य घायल हो गये। मौके से एक उग्रवादी का शव भी मिला है। घटना के तुरंत बाद सेना और मणिपुर पुलिस का एक संयुक्त दल मौके पर रवाना किया गया। उग्रवादियों की तलाश जारी है। लेकिन अभी तक घटना से संबंधित किसी गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं है।
मणिपुर में आज सुबह चंदेल जिले में अज्ञात उग्रवादियों ने सेना के काफिले पर घात लगाकर हमला किया। सेना की टुकड़ी उस समय इम्फाल से चंदेल जिले में तेंगनौपाल थाने के तहत पराओलोन और चालोंग के बीच एक स्थान की ओर जा रही थी। छठी-डोगरा रेजीमेंट का एक दल इम्फाल से करीब 80 किलोमीटर दूर टेंगनूपाल-न्यू समताल रोड पर सड़क खोलने की नियमित गश्त के दौरान अज्ञात उग्रवादी गुट ने शक्तिशाली बम से हमला कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि मणिपुर में आज का निर्मम हमला बहुत ही दु:खदायी है। अपने ट्वीट में श्री मोदी ने कहा कि वे राष्ट्र के लिए अपने जीवन का बलिदान करने वाले प्रत्येक सैनिक को नमन करते हैं।
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जिन लोगों ने यह कायराना हरकत की है उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि सेना मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति की बहाली के लिए काम करती रहेगी। श्री पर्रिकर ने सभी बलिदानी जवानों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कुछ लोग मणिपुर में शांति प्रक्रिया में बाधा पहुंचाना चाहते हैं। आज नई दिल्ली में उन्होंने कहा कि राज्य से अभी और भी जानकारी आ रही है। श्री रिजिजू ने कहा कि हमले में रॉकेट लॉन्चर जैसे आधुनिक हथियार इस्तेमाल किये गये थे। घटना जंगल इलाका में हुआ है और इसमें काफी मॉर्डन वैपन आपका जो रॉकेट फायर हुआ है इस तरह का बड़े हथियार का इस्तेमाल हुआ है। इसलिए इस सारे सिचुएशन को देखना होगा। रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, सेना प्रमुख दलबीर सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने आज गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और हमले के बाद राज्य में स्थिति के बारे में चर्चा की।