मध्‍य प्रदेश के गृह मंत्री ने व्‍यापम घोटाले के दो आरोपियों की मौत को स्‍वाभाविक बताया।

मध्‍यप्रदेश के गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने व्‍यावसायिक परीक्षा भर्ती घोटाला मामले के दो आरोपियों की मौत को स्‍वाभाविक मृत्‍यु बताया है। भोपाल में आज श्री गौर ने संकेत दिया कि इनकी मौत की जांच कराने की कोई जरूरत नहीं है।

मौत के मामले में कोई साजिश नहीं है। उच्‍चतम न्‍यायालय ने कांग्रेस की सीबीआई जांच की अपील को बहुत ही मजबूत आधार पर खारिज कर दिया था। न्‍यायालय ने कहा था कि मामले की जांच मध्‍यप्रदेश उच्‍च न्‍यायालय की निगरानी में चल रही है। ऐसे में सी बी आई जांच की जरूरत नहीं है।

दूसरी ओर मुख्‍य विपक्षी दल कांग्रेस ने घोटाले की फिर से सीबीआई जांच कराने की मांग की है। पार्टी के नेता मानस अग्रवाल ने घोटाले के आरोपी और गवाहों की रहस्‍यमय मृत्‍यु में षडयंत्र की आशंका व्‍यक्‍त की है। पार्टी नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि व्‍यापम घोटाले की तह तक पहुंचने का एकमात्र विकल्‍प इस मामले को उच्‍चतम न्‍यायालय में ले जाना है। आज नई दिल्‍ली में उन्‍होंने कहा कि घोटाले से जुड़े लोगों की एक के बाद एक रहस्‍यमय परिस्थितियों में मौत हो रही है। ये बड़ी गंभीर बात है कि एक के बाद एक जिनके पास प्रमाण है कि उनके बड़े संदिग्‍ध वातावरण में मौत हो रही है और पूरा मध्‍यप्रदेश का प्रशासन शासन इस पूरे व्‍यापम के भ्रष्‍टाचार को दबाने में लगे हुए है। हमें तो अब मध्‍यप्रदेश के हाईकोर्ट द्वारा नियुक्‍त एस आई टी पर भी भरोसा नहीं है। इस मामले से जुड़े 43 आरोपियों की मृत्‍यु अब तक हो चुकी है। घोटाले के एक आरोपी डॉ0 राजेन्‍द्र रॉय ग्‍वालियर में एक निजी अस्‍पताल में मौत हो गई। वहीं इंदौर जेल में बंद एक अन्‍य आरोपी नरेन्‍द्र तोमर ने एमके अस्‍पताल में दम तोड़ दिया। इस मामले से जुड़े 43 आरोपियों की मृत्‍यु संदिग्‍ध अवस्‍था में हो चुकी है। इनमें से 25 ऐसे लोग थे जिन्‍होंने उम्‍मीदवारों के बदले में प्रश्‍न-पत्र हल किए थे। डॉ. तोमर की मृत्‍यु की न्‍यायायिक जांच के आदेश भी दिए गए है।

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