भारत और थाईलैंड ने आज कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किये। इनमें दोहरे कराधान से बचने की संधि, और 2013 में हस्ताक्षरित प्रत्यर्पण संधि के अनुमोदन से संबंधित कागजात की अदला-बदली शामिल है, जिससे भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण के लिए कानूनी कार्रवाई संभव होगी। कराधान संधि से दोहरे कराधान और राजस्व हानि की रोकथाम में मदद मिलेगी और आपसी आर्थिक सहयोग बढ़ेगा। इन समझौतों पर विदेशमंत्री सुषमा स्वराज तथा थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री और विदेशमंत्री जेन तानसाक ने हस्ताक्षर किये। श्रीमती स्वराज ने अपनी तीन दिन की थाईलैंड यात्रा के अंतिम दिन भारत-थाईलैंड आपसी सहयोग संयुक्त आयोग की सातवीं बैठक की सहअध्यक्षता की। दोनों देशों के बीच 2013 में प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर हुए थे। इसमें आतंकवाद और आर्थिक अपराधों में शामिल अपराधियों सहित अन्य भगोड़े अपराधियों के प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।