उच्चतम न्यायालय ने भारतीय जनता पार्टी नेता सुब्रमण्यम स्वामी पर असम के एक विश्वविद्यालय में घृणा फैलाने वाले भाषण देने के आरोप में राज्य की एक अदालत से जारी गैरजमानती वारंट के अमल पर रोक दिया है। न्यायालय ने आज दंगे और घृणा फैलाने वाले भाषण से सम्बन्धित दंड संहिता के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता के विरुद्ध दायर याचिका पर केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी किया। न्यायालय की पीठ ने सुब्रमण्यम स्वामी को घृणा फैलाने आरोप में जारी वारंट का मामला सक्षम अदालत में उठाने को कहा है।
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