केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो-सीबीआई ने मध्य प्रदेश के बहुस्तरीय व्यावसायिक परीक्षा मंडल-व्यापमं घोटाले के सिलसिले में आज पांच और एफ आई आर दर्ज कीं। पहली एफ आई आर उज्जेन जिले में रेल की पटरियों पर संदेहजनक अवस्था में मृत पाई गई नम्रता डामोर मामले में है। इसके अंतर्गत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आई पी सी की धारा तीन सौ दो के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। दूसरी एफ आई आर 2010 की प्री-मेडिकल टैस्ट के बारे में है और तीसरी एफ आई आर 2010 की ही प्री-मेडिकल प्रवेश परीक्षा के बारे में है। जांच एजेंसी ने बुधवार को इस घोटाले में पांच एफ आई आर दर्ज की थीं। हमारे संवाददाता ने बताया है कि इस तरह सी बी आई द्वारा दर्ज एफ आई आर की संख्या दस हो गई है। सीबीआई ने व्यापम घोटाले से जुड़ी संदिग्ध मौतों की जांच शुरू कर दी है। उज्जैन पुलिस ने चिकित्सा पाठयक्रम की छात्रा नम्रता डामोर का मामला आत्महत्या बताकर बंद कर दिया था। उसकी मौत व्यापम घोटाले से जुड़ी बताई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर नम्रता के मौत के दो कारण बताए गए। एक के अनुसार उसकी हत्या की गई। वहीं दूसरी रिपोर्ट के अनुसार उसने खुदखुशी की। वहीं अक्षय सिंह पत्रकार की संदिग्ध मौत को लेकर भी प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है।