मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि हाल की अति वर्षा से प्रभावित जिलों में आवागमन बहाल करने और विद्युत आपूर्ति पुनस्थापित करने का काम युद्ध स्तर पर किया जाये। यह भी सुनिश्चित करें कि प्रभावितों को समय
पर राहत मिले। वर्तमान स्थिति को आपात-स्थिति मानकर युद्ध स्तर पर काम करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ प्रदेश में अति वर्षा से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में राजस्व मंत्री श्री रामपाल सिंह, मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा और पुलिस महानिदेशक श्री सुरेन्द्र सिंह उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अति वर्षा की संभावना वाले क्षेत्रों में पूरी सतर्कता और सावधानी रखे, ताकि किसी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने प्रदेश में आपदा प्रबंधन के लिए किए गए उपायों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अति वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुँचाए। पूरी संवेदना से लोगों की परेशानियों को दूर करे। सूचना मिलते ही तुरन्त बचाव दल भेजें। आम जनता में से जिन लोगों ने आपदा प्रबंधन में मदद की है उन्हें स्थायी रूप से जोड़े। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सतत बनाए रखे। प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कार्य तुरन्त शुरू करें।
बचाव दल ने दो बस के 125 यात्रियों को बचाया
बैठक में बताया गया कि कल रात को शाजापुर जिले के नीनावद के पास दो बस नाले पर पानी में फँस गयी थीं। सूचना मिलते ही बचाव दल ने पहुँचकर बसों से 125 यात्रियों को सुरक्षित निकाला। उज्जैन शहर में अब पानी कम हो रहा है। यहाँ तीन राहत केम्प बनाए गए हैं। पूरे राज्य में कहीं भी बाढ़ में लोगों के घिरे होने की स्थिति नहीं है। कुछ मार्ग, जो पुलिया पर पानी बढ़ने से या कटाव होने से बंद हो गए हैं, की मरम्मत का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। सभी 51 जिलों में इमरजेंसी ऑपरेशनल सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें 4,800 लोग लगे हैं और 110 बचाव दल तैयार रखे गए हैं। इसके अलावा 185 बोट तैयार रखी गयी हैं। अभी तक प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित 22 घटनाओं में 836 लोगों को बचाया गया है।
अति वर्षा या बाढ़ की सूचना के लिए हेल्पलाइन 1192 शुरू
अति वर्षा या बाढ़ से प्रभावित होने की किसी भी सूचना देने के लिए हेल्पलाइन 1192 शुरू की गयी है। इसी तरह मुख्यमंत्री निवास के टेलीफोन नम्बर 0755-2540500 और सी.एम. हेल्पलाइन 181 पर भी इसकी सूचना दी जा सकती है। बताया गया कि अति वर्षा से प्रभावित जिलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। उज्जैन शहर की विद्युत आपूर्ति बहाल हो गयी है। विदिशा, रायसेन, शाजापुर, सीहोर और देवास जिलों में कुछ स्थान पर पुलिया पर पानी बढ़ने से यातायात प्रभावित हुआ है।