अरूणाचल प्रदेश और असम में बारिश में कमी से बाढ़ की स्थिति में सुधार।

मुख्‍यमंत्री तरूण गोगोई ने राज्‍य के बाढ़ग्रस्‍त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया है। श्री गोगोई ने कोकराझार, चिरांग, बोंगईगांव और धुबरी जिलों में हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। ब्रहमपुत्र और राज्‍य की अन्‍य नदियों का जलस्‍तर कम हो रहा है, लेकिन अब भी खतरे के निशान से ऊपर है। भारी बारिश रुक जाने से ऐसा हुआ है।

बाढ़ के कारण लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हर साल प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप को देखते हुए असम सरकार ने नदी प्रणाली में परिवर्तन की निगरानी के लिए रिमोट सैंजिंग और जीआईएस की मदद लेने की योजना बना रहा है। इस बीच 18 जिलों में छह लाख 16 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं। एक लाख 80 हजार लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए है

राज्‍य के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि कुल मिलाकर बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहाहै

अरूणाचल प्रदेश में भी पिछले दो दिन के दौरान वर्षा कम होने के बाद बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है। लोहित, नामचिक, नोआ-देहिंग, कामलांग और अन्‍य नदियों का जलस्‍तर कम हो रहा है। बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित लोहित, चांगलांग और नमसई जिलों में स्थ्‍िाति में सुधार हो रहा है। नामचिक नदी का जलस्‍तर घटने के कारण चामलांग में शिविरों में रह रहे लोग अपने घरों को वापस लौट रहे हैं। अनजा जिले का सम्‍पर्क अब भी राज्‍य के अन्‍य हिस्‍सों से कटा हुआ है। जिले के उपायुक्‍त ने बताया कि कुछ दिनों में सड़क सम्‍पर्क बहाल कर दिया जायेगा।

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