विशेष मकोका अदालत ने 2006 के मुम्बई रेल विस्फोटों में 12 अभियुक्तों को भारतीय दंड सहिंता की धारा302 और अन्य धाराओं के तहत दोषी ठहराया है। एक आरोपी अब्दुल वाहिद शेख को दोषमुक्त कर दिया गया है। सजा की घोषणा सोमवार को की जाएगी।
विशेष मकोका न्यायालय में आठ साल इस मामले पर सुनवाई हुई। मुंबई के पश्चिम रेलवे के उपनगरीय ट्रेनों में 11 जुलाई, 2006 को 11 मिनट के अंतराल पर सात धमाके हुए। ये धमाके उपनगरीय ट्रेनों के पहले दर्जे के डिब्बे में रखे प्रेशर कूकर बम से कराए गए थे। इन धमाकों में एक सौ 98 लोगों की मौत हुई तथा चार सौ 24 लोग घायल हुए थे। इस आतंकी हमले में घायल हुए परास सावन की हाल ही में हिन्दुजा अस्पताल में मौत हुई। पिछले नौ साल से वे कोमा में थे। इस मामले में 13 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था। पुलिस द्वारा की गई तफ्तीश से पता चला कि मार्च 2006 में लश्करे तैयबा के आज़म चीमा ने पाकिस्तान में सिमी तथा लश्कर के दो गुटों के मुखियाओं के साथ इन धमाकों की साजिश रची थी।