प्राध्यापक कुछ ऐसा करें कि डिग्री लेते समय विद्यार्थी के चेहरे पर मुस्कान हो। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात ‘उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन की भूमिका’ सेमीनार में कही। सेमीनार शासकीय हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय द्वारा करवाया गया। इसमें भोपाल-होशंगाबाद संभाग में शासकीय महाविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
श्री गुप्ता ने कहा कि प्राध्यापक ऐसी शिक्षा दें कि विद्यार्थी हमेशा याद रखें। उन्होंने कहा कि सरकार अपने हिस्से का कार्य करेगी। आप अपने हिस्से का कार्य करें तो गुणवत्ता जरूर आयेगी। स्टाफ-रूम में चर्चा का विषय शिक्षा और विद्यार्थी होना चाहिए।
पोर्टल में रखे जायेंगे अच्छे सुझाव
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि सेमीनार और वर्कशाप में आने वाले सुझावों के साथ ही व्यक्तिगत सुझावों को भी एक पोर्टल में रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि आपके विभाग में जो अच्छे विचार-सुझाव हो, उन्हें हमें भेजें। श्री गुप्ता ने कहा कि शिक्षा ऐसी हो, जिसमें विद्यार्थी का भविष्य सुरक्षित हो। उन्होंने महाविद्यालयों में खाली समय में कौशल विकास की शिक्षा देने की बात भी कही।