विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि भारत, पाकिस्तान के साथ वार्ता के लिए तैयार है लेकिन आतंक और बातचीत साथ साथ नहीं चल सकते। न्यूयॉर्क में कल रात संयुक्तराष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए श्रीमती स्वराज ने कहा कि 2008 के मुंबई आतंकी हमले का षड्यंत्रकर्ता पाकिस्तान में आजाद घूम रहा है।
मैं समझती हूं कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए अपमान की बात है कि इन हमलों की योजना बनाने वाला आतंकवादी सरेआम खुला घूम रहा है। आतंकवाद के संबंध में पूर्व में दिए गए आश्वासनों पर अमल करने की बात तो दूर, सीमापार से हाल ही में भारत में नए हमले हुए हैं।
श्रीमती स्वराज ने कहा कि अगर आतंक छोड़ने के सूत्र पर पाकिस्तान का जवाब गंभीर और विश्वसनीय होगा तो भारत आतंकवाद से जुड़े सभी मुद्दों पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर और सीमा पर स्थिति के बारे में सैन्य कार्रवाई महानिदेशक स्तर पर वार्ता को तैयार है। इस बारे में रूस में उफा में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच सहमति हुई थी।
वार्ता और आतंकवाद साथ-साथ नहीं चल सकते, इसी मंच से पाकिस्तानी के प्रधानमंत्री जी ने पाकिस्तान और भारत के बीच शांतिपहल का एक चार सूत्रीय प्रस्ताव रखा था, मैं उसका उत्तर देते हुए कहना चाहूंगी कि चार सूत्रों की जरूरत नहीं है, एक ही सूत्र काफी है। आतंकवाद छोड़िए और बैठकर बात करिए। अगर उन बैठकों से विश्वसनीय परिणाम निकलते हैं तो भारत और पाकिस्तान के बीच सभी अनसुलझे मुद्दों को सुलझाने के लिए भारत तुरंत द्विपक्षीय वार्ता करने के लिए तैयार होगा।
श्रीमती स्वराज ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से समग्र अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद संधि स्वीकार करने का आग्रह किया।