महाराष्ट्र विधान सभा की रोजगार गांरटी योजना समिति ने अपने अध्ययन भ्रमण के दौरान आज मध्यप्रदेश विधान सभा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव से महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार ग्रामीण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में हासिल सफलताओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा भी मौजूद थे।
विधान सभा में हुई बैठक में महाराष्ट्र विधान सभा की रोजगार गांरटी योजना समिति के अध्यक्ष विधायक श्री जय कुमार रावल के साथ अध्ययन भ्रमण पर आये विधान सभा तथा विधान परिषद के सदस्यों नें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने विशेष कर मध्यप्रदेश में मनरेगा अभिसरण से संचालित पंच-परमेश्वर योजना, सुदूर ग्राम संपर्क तथा खेत सड़क योजना और कपिलधारा कुओं से सिचाई सुविधाओं और कृषि उत्पादन में हुई उल्लेखनीय वृद्धि के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने मनरेगा अभिसरण से मध्यप्रदेश के सभी 52 हजार गाँव में स्वच्छता और पर्यावरण सुधार के लिये सीमेंट-क्रांक्रीट से बनाये गये 12000 किलोमीटर पक्के आंतरिक मार्ग और नालियों के निर्माण कार्यों की सराहना की।
विधायक श्री जय कुमार रावल के नेतृत्व में महाराष्ट्र से आये इस अध्ययन दल में विधायक श्री संजय भेगाड़े, श्री सुरेश हालवनकर, श्री सुभाष देशमुख, श्री संदीप राव भूमरे, श्री नारायण पाटिल, श्री संजय रायमुलकर, अधिवक्ता श्री राहुल कुल, श्री शरद दादा सोनावने, श्री राहुल बोदंरे, श्री बावन राव शिंदे, डॉ. सतीश पाटिल, विधान परिषद सदस्य श्रीमती शोभा ताई फड़नवीस, श्री हरसिंह राठौड़ और श्री आनंदराव पाटिल शामिल थे।
डॉ. सीतासरन शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश प्रगतिशील राज्य है। उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा की रोजगार गांरटी योजना समिति की कार्य-प्रणाली के बारे में समिति अध्यक्ष श्री रावल से चर्चा की। डॉ. शर्मा ने कहा कि महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश को मौजूदा समय में अवर्षा से उत्पन्न परिस्थितियों और चुनौतियों से निपटना होगा। उन्होंने जरूरतमंद किसानों और ग्रामीण श्रमिकों को पर्याप्त संख्या में रोजगार मुहैया करवाने के मकसद से मनरेगा में सुनियोजित प्रयासों की जरूरत बताई।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने बताया कि मनरेगा अभिसरण से हुए कार्यों के जरिये मध्यप्रदेश के गाँव की तस्वीर बदलने में महती सफलता मिली है। मनरेगा में वर्ष 2006 से अब तक कुल 23 लाख 70 हजार निर्माण कार्य मंजूर हुए जिनमें से 20 लाख 6 हजार काम पूरे हो चुके हैं। इनसे 17878 लाख मानव दिवस का रोजगार मनरेगा श्रमिकों को मुहैया करवाया गया। शुरूआत से अब तक योजना पर 29 हजार करोड़ रूपये खर्च हुए हैं। वर्तमान में करीब 49 लाख सक्रिय जॉबकार्डधारी श्रमिक परिवारों को विभिन्न उप योजनाओं के जरिये रोजगार मुहैया करवाया जा रहा है। श्री भार्गव ने बताया कि इलेक्ट्रानिक फंड मैनेजमेन्ट सिस्टम के जरिये मनरेगा श्रमिकों को मजदूरी का त्वरित भुगतान किया जा रहा है। ग्राम पंचायत भवन में अल्ट्रा स्माल बैंक की सुविधा होने से मनरेगा श्रमिकों को पाँच किलोमीटर के दायरे मे ही बैंक सुविधा का लाभ मिल रहा है।
श्री भार्गव ने बताया कि मनरेगा में स्थाई परिसंपतियों के निर्माण में मध्यप्रदेश देश में अव्वल है। यहॉ 70 फीसदी स्थाई परिसंपत्तियॉ निर्मित हुई। यही वजह है कि भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश को पिछले तीन वर्ष में निरंतर कृषि कर्मण अवार्ड मिला है। श्री भार्गव ने जानकारी दी कि इस सफलता में मनरेगा में मध्यप्रदेश में तीन लाख से अधिक संख्या में बने कपिलधारा कुओं से छोटे किसानों के खेतों में उपलब्ध सिंचाई सुविधा का भी महत्वपूर्ण योगदान है। इन कुओं से तीन लाख हेक्टयर से अधिक क्षेत्र में अतिरिक्त सिचाई क्षमता निर्मित हुई है। श्री भार्गव ने मनरेगा में नंदन फलोद्यान, पशु शेड निर्माण, रेशम उत्पादन जैसी उप योजनाओं की सफलता को भी बताया।