मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को फसल नुकसान की स्थिति बतायी

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की और राज्य में सूखे से उत्पन्न हुई स्थिति से निपटने के लिए 1900 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध करवाने का आग्रह किया। श्री चौहान ने प्रधानमंत्री को सोयाबीन की फसल को हुए व्यापक नुकसान से भी अवगत करवाया। प्रधानमंत्री ने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।

प्रधानमंत्री से चर्चा के दौरान श्री चौहान ने अपनी हाल ही में सम्पन्न जापान और दक्षिण कोरिया की विदेश यात्रा और प्रदेश में होने वाले वैचारिक महाकुम्भ पर भी चर्चा की। तकरीबन आधा घंटा चली मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में विगत तीन-चार वर्ष से अति वृष्टि, बाढ़, ओला वृष्टि, पाला आदि से फसलों को हुए व्यापक नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक आकलन के अनुसार लगभग 23 जिले की 114 तहसील सूखाग्रस्त घोषित की जा चुकी हैं। स्थिति को देखते हुए सरकार ने किसानों की ऋण वसूली स्थगित कर दी है और राज्य सरकार अपने संसाधनों से किसानों की हरसंभव मदद कर रही है।

केन्द्रीय दल शीघ्र भेजने का अनुरोध

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात कर अवर्षा के कारण राज्यों में उत्पन्न हुई स्थिति से अवगत करवाया और फसलों की क्षति के आंकलन के लिए केन्द्रीय अध्ययन दल जल्दी भेजने का आग्रह किया।

श्री चौहान ने बताया कि क्षति का आंकलन करने तथा प्रभावित हुए किसानों को राहत पहुँचाने के लिए व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। क्षति का वास्तविक आकलन तैयार कर केन्द्र सरकार को शीघ्र ही विस्तृत रिपोर्ट भेजी जायेगी।

 

श्री चौहान ने केन्द्रीय मंत्री द्वय से हुई मुलाकात के दौरान बताया कि प्रदेश के कुछ भागों में सामान्य से अधिक वर्षा होने से भी फसलें प्रभावित हुई हैं। अनियमित वर्षा से खरीफ फसलों में कीट, इल्ली, पीला मोजेक रोग आदि का व्यापक रूप से असर पड़ा है। सूखे की स्थिति एवं कीट, इल्ली, पीला मोजेक रोग आदि के प्रारम्भिक आकलन के अनुसार लगभग 23 हजार गाँव के 27.93 लाख किसानों की करीब 2600 लाख हेक्टेयर रकबे की खरीफ फसलों की व्यापक क्षति हुई है।

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