ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

सिंहस्थ के परिप्रेक्ष्य में ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन-समाधान की ओर विषय पर भोपाल में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 21 और 22 नवम्बर को होगी। संगोष्ठी में देश के करीब पौने छह सौ वैज्ञानिक और पर्यावरणविद् भाग लेंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज संगोष्ठी की तैयारियों की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय संगोष्ठी के व्यवस्थित आयोजन की सभी तैयारियाँ समय से पूरी की जाये। संगोष्ठी की अनुशंसाएँ सिंहस्थ में होने वाले वैचारिक महाकुंभ के आधार-पत्र का काम करेगी। संगोष्ठी में प्रदेश के पर्यावरणविदों को भी आमंत्रित किया जाए।

सांसद एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री अनिल माधव दवे ने कहा कि संगोष्ठी के माध्यम से पर्यावरण की समस्या से निपटने का संदेश विश्व को दिया जायेगा।

बताया गया कि संगोष्ठी में देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं के करीब 579 वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और शोधार्थी भाग लेंगे। इसके अलावा विभिन्न राज्य सरकारों के जलवायु परिवर्तन नोडल अधिकारी, केन्द्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और चुनी हुई महिला सरपंच शामिल होंगे। संगोष्ठी के आयोजन में नर्मदा समग्र, मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद और सिकाईडिकान सहयोगी संस्था है। आयोजन की नोडल संस्था पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन है। संगोष्ठी में दो दिन में विभिन्न विषय पर 15 सत्र होंगे। उदघाटन सत्र के मुख्य अतिथि आर्ट ऑफ लिंविग के प्रणेता श्री श्री रविशंकर होंगे। संगोष्ठी स्थल पर चार प्रदर्शनी लगायी जायेगी। ये प्रदर्शनी सिंहस्थ, जलवायु परिवर्तन, मध्यप्रदेश के विकास और मध्यप्रदेश के पर्यटन पर केन्द्रित रहेगी।

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