प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान की 2 लाख मीट्रिक टन खरीदी

राज्य में अब तक समर्थन मूल्य पर धान की 2 लाख मीट्रिक टन खरीदी की जा चुकी है। प्रदेश में खरीदी का कार्य 2 नवम्बर से शुरू हुआ है जो आगामी 25 जनवरी, 2016 तक चलेगा। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिये 1064 केन्द्र बनाये गये हैं। धान बेचने के लिए 5 लाख 65 हजार किसान ने पंजीयन करवाया है। अब तक पंजीकृत 41 हजार 70 किसान से धान की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को अपनी फसल बेचने में दिक्कत न हो, इसके लिए उनको किस तारीख को मंडी पहुँचना है इसकी जानकारी एसएमएस के जरिये देने की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष प्रदेश में 15 लाख मीट्रिक टन धान के उपार्जन का अनुमान लगाया गया है। पिछले वर्ष प्रदेश में 12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गयी थी। इस वर्ष किसानों से कामन किस्म 1410 रुपये और ग्रेड-‘ए’ धान 1450 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर खरीदा जा रहा है।

मोटे अनाज की 9,900 मीट्रिक टन खरीदी

प्रदेश में अब तक समर्थन मूल्य पर मोटे अनाज की 9,900 मीट्रिक टन खरीदी की जा चुकी है। मोटे अनाज की खरीदी का कार्य राज्य में 26 अक्टूबर से शुरू हुआ है, जो 15 जनवरी, 2016 तक चलेगा। मोटे अनाज की खरीदी के लिए प्रदेश में 223 केन्द्र बनाये गये हैं। समर्थन मूल्य पर मोटे अनाज की बिक्री के लिये 92 हजार से अधिक किसान ने पंजीयन करवाया है। अब तक पंजीकृत 2,225 किसान से मोटे अनाज की खरीदी की जा चुकी है।

 

प्रदेश में हाईब्रिड ज्वार 1570 रुपये, मालडण्डी 1590 रुपये, बाजरा एफएक्यू 1275 और मक्का एफएक्यू 1325 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर किसानों से खरीदा जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश में 4 लाख मीट्रिक टन मोटे अनाज की समर्थन मूल्य पर खरीदी का अनुमान लगाया गया है। किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय पर हो सके इसके लिये खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये गये हैं। धान खरीदी में ई-उपार्जन सॉफ्टवेयर के आँकड़ों के आधार पर उपार्जन समितियों के बैंक खातों में प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को भुगतान किये जाने की व्यवस्था की गई है। समितियों द्वारा उपार्जित मोटा अनाज उपार्जन एजेन्सियों के गोदाम में जमा किया जा रहा है। खरीदी केन्द्र पर बारदानों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *