–पैगम्बर मोहम्मद साहब का जन्मदिन ईद-ए-मिलाद-उन-नबी देश के विभिन्न हिस्सों में पूरे धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर पैगम्बर मोहम्मद के जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए मिलाद महफिलें और सीरत सम्मेलन आयोजित किये जा रहे हें तथा जुलूस निकाले जा रहे हें।
इस अवसर पर राज्य में सुरक्षा के व्यापक इंतजात किए गए हैं।
लखनऊ की टीले वाली मस्जिद समेत कई मस्जिदों और पुराने शहर के कई इलाकों को बहुत खूबसूरत ढंग से सजाया गया है, जहां आज सीरत के जलसे और ईद-ए-मिलाद-उन-नबी की महफिलें होंगी और लोगों को यह बताया जाएगा कि हजरत मोहम्मद साहब सिर्फ मुसलमानों के नबी और रसूल नहीं थे, बल्कि उनका मोहब्बत भाईचारे, शांति और ईश्वर से प्रेम का संदेश समस्त मानव जात के लिए था और वो रहमतुल्लीलआलेमीन अथार्त पूरी श्रृष्टी के लिए रहमत बनकर इस दुनिया में आए थे।
मध्य प्रदेश में भोपाल, इन्दौर, जबलपुर और अन्य प्रमुख शहरों में जुलूस निकाले जाने की खबरें हैं।
तेलंगाना में हैदराबाद में विभिन्न मस्जिदों और मजारों पर मजलिसें हो रही हैं। खासकर शहर के पुराने इलाके को सजाया गया है। पक्का मस्जिद में आज सुबह विशेष नमाज अदा की गयी। शहर में शांति के लिए पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
पश्चिम बंगाल में कोलकाता और अन्य जगहों पर जुलूस निकाले गये। लोगों ने इस मौके पर एक दूसरे को बधाई दी और मिठाइयां बांटी। मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी और अन्य नेताओं ने लोगों को शुभकामनाएं दी हैं।
कश्मीर घाटी, लेह तथा करगिल में भी महिलाओं और बच्चों सहित हजारों लोगों ने मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थानों पर रात भर दुआएं की। मुख्य आयोजन हजरत बल में आसार-ए-शरीफ में हुआ। लेह, करगिल और द्रास तथा लद्दाख क्षेत्र के अन्य स्थानों पर विशेष नमाज अदा की गई।
दिल्ली में भी पुरानी दिल्ली, जाफराबाद, महरौली और ओखला में सैंकड़ों लोगों ने जुलूसों में भाग लिया। जामा मस्जिद में भी लोगों की भीड़ है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मॉस्को की दो दिन की यात्रा के दौरान श्री मोदी ने ट्विट कर समाज में भाईचारा और मेलजोल कायम रहने की कामना की है।