प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कृषि क्षेत्र में बदलाव के प्रयास के एक भाग के रूप में पूरे देश में जैविक खेती के विस्तार का आह्वान किया है। उन्होंने राज्यों से प्रायोगिक तौर पर इसकी खेती की शुरूआत करने के लिए कम से कम एक जिले या एक प्रखंड की पहचान करने को कहा है।
वे आज सिक्किम की राजधानी गान्तोक में राज्यों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कृषि से जुड़े मोबाइल फोन अपलिकेशन विकसित करने, मंडियों को ऑन लाईन करने तथा कृषि उत्पादों के मूल्यवर्द्धित करने को कहा। उन्होंने हाल ही में घोषित फसल बीमा योजना और मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड के लाभों की भी चर्चा की।
मौसम की अनिश्चितता से प्रभावित किसानों के वित्तीय सुरक्षा की चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि उन्हें अपनी गतिविधियों को तीन बराबर-बराबर हिस्सों में बांटना चाहिए। ये हैं परम्परागत फसलों का उत्पादन, मूल्यवान लकडियों के लिए पौधारोपण और पशुपालन।
पर्यावरण का संरक्षण करते हुए विकास की नई ऊंचाई हासिल करने में मेजबान सिक्किम की सफलता की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सिक्किम ने परम्परागत कृषि को जैविक खेती में सफलतापूर्वक बदला है।
कई निराशा के पहल आये होंगे, कई आशंका के अवसर पैदा हुए होंगे। इस रास्ते को छोड़ करके फिर एक बार पुराने रास्ते पर लौटने की इच्छा भी हुई होगी। आर्थिक संकट भी झेलने पड़े होंगे लेकिन उसके बावजूद भी सिक्किम के उन लाखों किसानों को मैं नमन करता हूं कि उन्होंने अपनी राह छोड़ी नहीं।