सरकार का अगले छह वर्ष में देश के तेल आयात को दस प्रतिशत से कम करने का लक्ष्‍य।

सरकार वर्ष 2022 तक कच्‍चे तेल का आयात दस प्रतिशत तक घटाने का लक्ष्‍य प्राप्‍त करने के लिए नीतिगत बदलाव कर रही है, जिससे घरेलू उत्‍पादन और वाहनों के लिए ईथनॉल के सम्‍मिश्रण से बने जैव ईंधन को बढ़ावा मिलेगा और तेल आयात पर निर्भरता कम होगी। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज ओडिशा के पारादीप में 34 हजार 5 सौ करोड़ रुपए से अधिक की लागत से निर्मित इंडियन ऑयल कारपोरेशन के नये और अत्‍याधुनिक तेल परिशोधन संयंत्र को राष्‍ट्र को समर्पित किया। उन्‍होंने कहा कि यह संयंत्र राज्‍य के विकास के लिए महत्‍वपूर्ण है। श्री मोदी ने कहा कि यह परिशोधन संयंत्र मेक-इन-इंडिया कार्यक्रम के तहत बहुत कम समय में स्‍थापित किया गया है और इससे ओडिशा के युवाओं का भाग्‍य बदलेगा।

मुद्रा योजना का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि इससे देश के युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिलेगा और वे रोजगार मांगने वालों की बजाय रोजगार देने वाले बनेंगे।

केन्‍द्रीय तेल और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्‍द्र प्रधान ने कहा कि यह संयंत्र सही अर्थों में ओडिशा और पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के लिए अवसरों का एक द्वार है। मुख्‍यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि इस तेल परिशोधन संयंत्र से राज्‍य के युवाओं को रोजगार उपलब्‍ध होगा।

इससे पहले, प्रधानमंत्री ने भुवनेश्वर के निकट जटणी में राष्ट्रीय विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान संस्थान के नए परिसर का उद्घाटन भी किया। उन्‍होंने विद्यार्थियों को सम्‍बोधित करते हुए कहा कि नवाचार हर समाज के लिए समय की आवश्‍यकता है। यदि नवाचार रोका गया तो पूरी व्‍यवस्‍था चरमरा जायेगी। उद्घाटन समारोह के बाद प्रधानमंत्री पुरी गये जहां उन्‍होंने भगवान जगन्‍नाथ मंदिर में पूजा अर्चना की ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओड़िशा के रेत मूर्तिकार सुदर्शन पटनायक को गुजरात के युवकों को रेत कला में प्रशिक्षित करने के लिए आमंत्रित किया है। रेत कलाकार ने श्री मोदी से मुलाकात कर उन्‍हें भगवान जगन्नाथ की एक रेत कलाकृति भेंट की।

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