पाकिस्तानी मूल के अमरीकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने आज एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि इशरत जहां, लश्करे तैयबा के लिए काम करती थी। वर्ष 2004 में पुलिस मुठभेड़ में तीन अन्य लोगों के साथ इशरत जहां की भी मौत हो गयी थी। मुम्बई की एक विशेष अदालत में अमरीका के एक अज्ञात स्थान से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के ज़रिये हेडली का बयान दर्ज किया गया।
लश्करे तैयबा में किसी भी महिला आत्मघाती हमलावर के शामिल होने से इंकार करते हुए डेविड हेडली ने इस बात की पुष्टि की कि इस आतंकवादी गुट में एक महिला शाखा थी और अबु अमन मज़हर इसका प्रभारी था। विशेष सरकारी वकील उज्जवल निकम ने जब हेडली से इशरत जहां के संबंध में पूछा तब उसने बताया कि उसने लश्करे तैयबा के आतंकवादियों की बातचीत में उसका जि़क्र सुना था।
हेडली ने अपने बयान में यह भी बताया कि वह लॉग इन आई डी इमिग्रेशन डॉट यूएसए के ज़रिये इंटरनेट तक पहुंच के लिए बारह सितम्बर और 18 तथा 30 अक्तूबर 2007 को रिलायंस वेबवर्ल्ड भी गया था।
डेविड कोलमैन हेडली ने बताया कि इशरत जहां लश्कर-ए तैयबा से जुड़ी थी। हेडली ने कहा कि एलीटी के सदस्य मुजम्मल भट्ट ने डेविड को बताया था कि जकीउर रहमान लखवी ने एक लड़की को एलीटी में भर्ती कराया था जोकि भारत में मारी गयी थी और उसका नाम इशरत जहां था। डेविड ने इशरत के बारे में दी गवाही के बारे में इशरत के वकील ने कहा कि भारतीय कानून के तहत इसे सबूत नहीं माना जा सकता। इसी बीच गुजरात के पूर्व डीआईजी डीजी बंजारा ने कहा कि हेडली ने आज गवाही में इशरत के बारे में जो कहा वह गुजरात पुलिस सालों से कह रही है। उन्होंने कहा कि इशरत का एनकाउंटर झूठा नहीं था लेकिन यह मामला कानूनी प्रक्रिया में होने से उन्होंने इस बारे में अधिक बात नहीं की। डीजी बंजारा को गैर कानूनी तौर पर एनकाउंटर के जुर्म में 2007 में जेल हुई थी, 2015 में वे जमानत पर रिहा हुए।