भारत ने कहा है कि सतत विकास के बोझ की जिम्मेदारी गरीब देशों पर नहीं डाली जा सकती। इन देशों को अपने विकास में कमी से निपटने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। उन्हें जलवायु परिवर्तन का सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ता है, जबकि वे इस समस्या के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन के काउंसलर अमित नारंग ने मंगलवार को नैशनल मॉडल युनाइटेड नेशन्स कान्फ्रेंस में ये विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि यदि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय खास तौर पर सम्पन्न देशों में जीवन शैली जैसे मुद्दों से नहीं निपटता, तो वह जलवायु परिवर्तन के प्रश्न को सफलतापूर्वक हल नहीं कर सकता।
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