प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन देशों की सफल यात्रा का अंतिम चरण पूरा करने के बाद कल सऊदी अरब की राजधानी रियाद से स्वदेश लौट आये। श्री मोदी और सऊदी अरब के शाह सलमान ने हर प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं ने कहा कि उग्रवाद और आतंकवाद सभी देश और समाज के लिए खतरा है। इसे किसी जाति, धर्म या संस्कृति विशेष से जोड़ने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। भारत और सऊदी अरब के बीच आपसी हित के विभिन्न मुद्दों पर पांच सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किये गये।
एक समझौता श्रम सहयोग के बारे में है जो सऊदी अरब में काम कर रहे भारतीयों के लिए विशेष महत्व का है।
लगभग 30 लाख भारतीय कामगार सऊदी अरब में काम करते हैं और वो सालाना दस अरब से अधिक अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा अपने देश में भेजते हैं लेकिन उनमें से बहुतों की ये शिकायत होती है कि उनके नियोक्ता उनके साथ अमर्यादित व्यवहार करने के साथ–साथ उन्हें कम पैसे देते हैं। आशा है कि इस समझौते के बाद उनकी समस्या के निदान में बड़ी मदद मिलेगी। वहीं सऊदी सरकार ने भी भारत को यकीन दिलाया है कि इस बारे में यदि उसे कोई शिकायत मिलती है तो उस पर कठोर और तुरंत कार्रवाई की जाएगी।