विश्व के सबसे बड़े धार्मिक-आध्यात्मिक समागम सिंहस्थ में 9 मई को दूसरा शाही स्नान है। प्रशासन एवं मेला प्रबंधन द्वारा दूसरे शाही स्नान की तैयारियों को सुनियोजित रूप से अंजाम दिया जा रहा है। इस सिलसिले में संभाग आयुक्त श्री रविन्द्र पस्तौर ने आज झोनल कार्यालय, दत्त अखाड़ा में सिंहस्थ प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा व्यवस्थाओं को इस तरह अंतिम रूप दें, जिससे शाही स्नान के दिन साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो।
संभाग आयुक्त श्री पस्तौर एवं पुलिस महानिरिक्षक श्री मधुकुमार ने सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधिकारियों को हिदायत दी कि अखाड़ों के सतत् सम्पर्क में रहकर पहले से ही यह पता कर लें कि शाही.स्नान के दिन किस अखाड़े में कितने वाहन शामिल रहेंगे, जिससे आवागमन व्यवस्था को बेहतर ढंग से अंजाम दिया जा सके। श्री पस्तौर ने यह भी कहा कि कौन सा अखाड़ा किस समय शाही-स्नान के लिये निकलेगा, इसकी भी सही-सही जानकारी रखें। उन्होंने शाही-स्नान के लिये निकलने वाले हर अखाड़े के पीछे सफाई दल नियुक्त करने के निर्देश भी दिये। साथ ही कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी तरह कि ढिलाई न हो।
श्री पस्तौर ने साधु-संतो के सम्मान और गरिमा का ध्यान रखने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा ही कहा मेले से जुड़े अमले का श्रद्धालुओं के साथ सहज और संवेदनशील बर्ताव होना चाहिए।
सिंहस्थ महाकुंभ स्नान की आगामी तिथियाँ
सिंहस्थ महाकुंभ उज्जैन में मोक्षदायिनी क्षिप्रा में स्नान पर आने वाले श्रद्धालु क्षिप्रा में अमृत स्नान का लाभ आगामी स्नान पर्व वैशाख कृष्ण पक्ष 30 (6 मई 2016), स्नान पर्व अक्षय तृतीया वैशाख शुक्ल पक्ष 3 सोमवार (9 मई 2016), शंकराचार्य जयंती वैशाख शुक्ल पक्ष 5 बुधवार (11 मई 2016), वृषम संक्रान्ति पर्व वैशाख शुक्ल पक्ष 9 (15 मई 2016), मोहिनी एकादशी पर्व वैशाख शुक्ल पक्ष 11 मंगलवार (17 मई 2016), प्रदोष पर्व वैशाख शुक्ल पक्ष 13 (19 मई 2016), नृसिंह जयंती पर्व वैशाख शुक्ल पक्ष 14 शुक्रवार (20 मई 2016) तथा प्रमुख स्नान वैशाख शुक्ल पक्ष पूर्णिमा (21 मई 2016) को प्राप्त कर सकते हैं।