इस समय उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ में समरसता का रंग बिखर रहा है। न प्रदेश की सीमा है, न जात-पाँत का भेदभाव है, सभी एक साथ क्षिप्रा नदी में स्नान कर महाकाल के दर्शन कर रहे हैं।
गुजरात के अहमदाबाद जिले से प्रमोद तिवारी परिवार के साथ 5 दिन से उज्जैन आये हैं। उन्हें सिंहस्थ की व्यवस्थाएँ
बहुत अच्छी लगी हैं। बड़ी आसानी के साथ क्षिप्रा में स्नान और महाकाल के दर्शन हो गये है। आंध्रप्रदेश के विजयनगर जिले के चिप्रपाली ग्राम से आये एस. महेश्वरा ने बताया कि वे ग्राम के 16 सदस्य के साथ सिंहस्थ आये हैं। सभी ने क्षिप्रा में स्नान कर महाकाल के दर्शन किये हैं। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम से आये विश्राम ने बताया कि वे पिछले 5 दिन से सिंहस्थ में हैं और परिवार के साथ छत्तीसगढ़ मंडप में रुके हैं। उन्होंने क्षिप्रा में स्नान कर महाकाल के दर्शन किये है।
प्रदेश के भिंड से मनोज पांडे एवं रामसिया तथा देवास से सत्यनारायण अपने परिवार के 8 सदस्यों के साथ 10 दिन से उज्जैन में हैं। राजस्थान के नागौर जिले से बाबूलाल एवं गेंदाराम अपने परिवार के 11 सदस्यों के साथ सिंहस्थ में आये हैं। इन सभी का कहना है कि उन्होंने सिंहस्थ जैसी अभूतपूर्व व्यवस्था पहले कभी नहीं देखी। अपार भीड़ के बाद भी 30 मिनिट में महाकाल के दर्शन होना अपने आप में आश्चर्य से कम नहीं है।