भारत में गिरता हुआ लिंगानुपात चिंता का विषय है। बालिकाओं के संरक्षण, संवर्धन के लिए कन्या-भ्रूण हत्या रोकने, बालिकाओं के प्रति लोगों की सोच में बदलाव तथा महिला सशक्तिकरण की जरूरत है। इस कार्य में मध्यप्रदेश सरकार बालिकाओं के प्रति संवेदनशीलता से कार्य कर रही हैं। यह बात शनिधाम ट्रस्ट के महामण्डलेश्वर परमहंस दाती महाराज ने सिंहस्थ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के बीच कही।
श्री दाती महाराज ने कहा कि वह स्वयं 14 वर्ष से बालिकाओं के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। पाली राजस्थान में उन्होंने गुरूकुल आश्रम स्थापित किया है, जिसमें 700 अनाथ बच्चियाँ शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी गुरूमाता से प्रेरणा मिली थी तभी से लगातार कन्या-भ्रूण हत्या रोकने और बालिकाओं को सशक्त एवं समर्थ बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। वह कन्याओं के विवाह के लिए भी मदद करते हैं।
श्री दाती महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली लक्ष्मी योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएँ चल रही हैं। यह योजनाएँ बालिकाओं के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं अभी तक निर्धन परिवार की 7000 कन्याओं की शादी करवा चुके हैं। दाती महाराज ने बालिका संरक्षण के लिये कड़े कानून बनाने पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए सत्ता, समाज और संतों को मिलकर काम करने की जरूरत है।
राजस्थान के पद्मावती नगर जोधपुर से सिहंस्थ मेले में पधारी संत साध्वी गुरू मय्या चंदन प्रभागिरि ने महामण्डलेश्वर की उपाधि धारण करने के बाद कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की योजनाएँ बालिका संरक्षण के लिए बहुत अच्छी हैं। इस कार्य के लिए समाज को जागरूक करने की जरूरत है। जागरूकता के बाद ही बेटा-बेटी के बीच भेद मिटेगा और लोग स्वतः ही बेटी को बेटों के समान दर्जा देंगे।