स्कूलों में बच्चों को दिया जाने वाला भोजन गुणवत्तापूर्ण हो, पर्याप्त हो एवं रुचिकर हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश मध्यान्ह भोजन व्यवस्था से संलग्न संबंधित विभाग एवं अधिकारियों को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ऊषा चतुर्वेदी ने दिये है। श्रीमती चतुर्वेदी आज यहाँ आयोग में आये प्रकरणों की सुनवाई कर रही थीं। आयोग को जबलपुर, भोपाल एवं इंदौर के स्कूलों में नंदी फाउण्डेशन द्वारा वितरित किये जाने वाले मध्यान्ह भोजन में कड़क रोटी एवं अन्य प्रकार की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। नंदी फाउण्डेशन के स्थानीय व्यवस्थापकों को निर्देश दिये कि वे निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को मध्यान्ह भोजन उपलब्ध करवायें। उन्होंने कहा कि आयोग मेन्यू में परिवर्तन नहीं करवा सकता यदि संबंधित की ओर से प्रस्ताव प्राप्त होता है तो सप्ताह में दो दिन मिलने वाली रोटी के स्थान पर अन्य रुचिकर भोजन बच्चों को उपलब्ध करवाने के लिये प्रशासन और संबंधित को लिखा जायेगा।आयोग ने सिवनी जिले में मध्यान्ह भोजन में बच्चों के खाने में छिपकली मिलने की शिकायत को भी गंभीरता से लिया और उपस्थित जनपद पंचायत के अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला-बाल विकास से वस्तु-स्थिति की जानकारी ली। इसी प्रकार की शिकायत पर आयोग की अध्यक्ष ने शाजापुर के अधिकारियों को 5 अगस्त और विदिशा के अधिकारियों को तीन दिन में व्यवस्था परिवर्तन तथा सुधार के निर्देश दिये।