मानसून में विलंब के बावजूद पेयजल संकट नहीं होने दिया जायेगा

पीएचई मंत्री सुश्री कुसुम महदेले ने कहा है कि इस बार मानसून के विलंब से आने के बावजूद लोगों को पीने के पानी के संकट का सामना नहीं करने दिया जायेगा। सुश्री महदेले आज बाणगंगा के समीप पीएचई के नये प्रशासनिक ‘जल भवन’ का शुभारंभ कर रही थी।

सुश्री कुसुम महदेले ने कहा पिछले 3 साल से पड़ रहे सूखे और वर्तमान ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की कमी विभागीय अमले के लिए कड़ी चुनौती के रूप में रही है। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जज्बे और लगन से चुनौती का सामना कर आमजन को पेयजल की कमी नहीं होने दी। ऐसा वे विलंब मानसून की स्थिति में भी करेंगें, ऐसा विश्वास है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भीषण गर्मी के दौरान कम ही ऐसे स्थान है जहाँ परिवहन द्वारा पेयजल पहुँचाया जा रहा है।

सुश्री महदेले ने बताया कि सिंहस्थ में साधु-संतों और आमजन को पानी की कमी नहीं होने दी गई। इसके लिए जिस दक्षता के साथ अमले ने कार्य किया, वह सराहनीय है। उन्होंने बताया कि पीएचई के पास भवन की कमी काफी समय से महसूस की जा रही थी। नया भवन पूरी तरह ‘ईको फ्रेंडली’ है। भवन में वॉटर हार्वेस्टिंग, सौर-ऊर्जा, स्वच्छ वायु तथा प्रकाश की उत्तम व्यवस्था की गई है। भवन में बैठक और कार्यालय कक्ष के अलावा 250 व्यक्ति की क्षमता वाला सभागार भी बनाया गया है, जिसे अन्य संस्थान को किराये पर भी दिया जा सकेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे स्वस्थ मानसिकता, बेहतर गुणवत्ता और कार्यदक्षता के साथ कार्य करेंगें। उन्होंने 15 माह की अल्पावधि में भवन-निर्माण करवाने वाले सर्वश्री संतोष कटियार और महेन्द्र सिंह बुंदेला को सम्मानित भी किया।

सुश्री महदेले ने बताया कि उन्होंने जब-जब जिस विभाग का दायित्व सम्हाला उसके नये भवन ही बने है। महिला-बाल विकास मंत्री रहते हुए नये भवन के निर्माण की तैयारी शुरू हुई थी। पशुपालन विभाग के वैशाली नगर के समीप स्थित परिसर में भी नया प्रशिक्षण और प्रशासनिक भवन बना, जिसका वर्ष 2014 में शुभारंभ किया गया। पिछले साल ही भदभदा रोड पर मत्स्योद्योग संचालनालय के नये प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया गया।

प्रमुख सचिव पीएचई श्री पंकज अग्रवाल ने बताया कि सिंहस्थ में विभागीय अमले के कार्यों की मुख्य मंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने भी तारीफ की है। उन्होंने कहा कि सूखे की स्थिति में पेयजल के संकट का सभी को मिलकर मुकाबला करना हैं। प्रभारी प्रमुख अभियंता श्री जी.एस.डामोर ने बताया कि 33 हजार वर्गफुट में 7 करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से बना भवन सर्व सुविधायुक्त है। ‘ग्रीन कंसेप्ट’ को लागू कर बनाये गये भवन में तापमान को नियंत्रित करने के उपाय भी किये गये हैं।

 

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