यूपी समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी घोषणा कर दी है। आम जिंदगी की तरह इन चुनावों में केंद्र सरकार की डिजिटल और कैशलेस मुहिम का असर नजर आएगा।
जहां एक तरफ देश में पहली बार पोस्टल बैलेट इलेक्ट्रानिक तरीके से भेजे जाएंगे वहीं उम्मीदवारों को 20 हजार से ज्यादा का कोई भी खर्च कैशलेस तरीके से करना होगा।
इसकी जानकारी देते हुए चुनाव आयुक्त ने कहा कि पांच राज्यों में 690 सीटों के लिए कुल 16 करोड़ मतदाता अपने अधिकार का उपयोग करते हुए मतदान करेंगे। इस बार चुनाव में सभी मतदाताओं के परिवारों को रंगीन वोटिंग गाइड दी जाएगी। पांचों राज्यों में कुल 1,86,000 पोलिंग स्टेशन होंगे।
एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए आयोग ने सेना, पैरामिलिट्री फोर्सेस और चुनाव ड्यूटी पर लगे लोगों के पोस्टल वोट्स को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भेजा जाएगा। वहीं गोवा में विशेष से मतदान के बाद मशीन से मतदाताओं को वोटिंग के बाद इसकी पर्ची मिलेगी।
काले धन पर लगाम के लिए नए कदम उठाए हैं। इसके तहत 20 हजार से ज्यादा का खर्च उम्मीदवारों को चेक या ऑनलाइन करना होगा। साथ ही 20 हजार से ज्यादा का चंदा चेक या ड्राफ्ट से लेना होगा। टीवी से उम्मीदवार का प्रचार हुआ तो उसे चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा।
मतदान के दौरान इसकी गोपनियता बनाए रखने के लिए जहां मशीन लगी होगी उस कैबिन की उंचाई बढ़ाकर 30 इंच कर दी गई है। मतदाताओं को जानकारी देने के लिए हर बूथ पर पोस्टर लगे होंगे। 10 प्रतिशत मतदाताओं को वोटर आईडी जारी हो चुके हैं और हर बूथ पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन होगी जिनमें नोटा का बटन भी दिया जाएगा। इस साल आयोग ने दिव्यांग फ्रेंडली चुनाव को लेकर कदम उठाया है। कुछ पोलिंग बूथ मॉडल बनाए जाएंगे।
उम्मीदवारों के लिए भी नियमों में बदलाव किया गया है और अब हर उम्मीदवार को नॉमिनेशन पेपर पर फोटो लगाना होगी साथ ही अपने भारतीय होने का प्रमाण पत्र भी देना होगा। इसके अलावा उन्हें इस बात का सर्टिफिकेट भी देना होगा कि उन पर बिजली, पानी या अन्य कोई बकाया नहीं है। यूपी, उत्तराखंड और पंजाब में 28 लाख खर्च कर पाएंगे वहीं अन्य दो गोवा और मणिपुर में खर्च की सीमा 20 लाख होगी। 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक रहेगी।