भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद नंद कुमार साय को जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर कुछ अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। केंद्र सरकार के स्तर पर इसको लेकर काफी तेजी से तैयारी चल रही है। जानकारों की मानें तो उन्हें राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एसटी कमीशन) का चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव दिया गया है, जिसकी उन्होंने सहमति भी दे दी है। साथ ही जरुरी प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो मंत्रालय स्तर पर भी सैद्धांतिक सहमति दे दी गई है।ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को अब राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा सकता है। जहां से अनुमति मिलते ही इसकी अधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी।
बता दें कि छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़े साय की पहचान एक आदिवासी नेता के तौर पर है। लंबे समय तक वह राज्यसभा सदस्य भी रहे है, लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। हालांकि उन्हें इस बात का भरोसा जरूर दिया था कि उन्हें जल्द ही कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी।
पार्टी सूत्रों की मानें तो उन्हें सेट करने के लिए पार्टी स्तर पर कोशिशें चल रही थी, कि इसी बीच राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के चेयरमैन के खाली हो रहे पद के लिए भी उन्हें प्रस्ताव दिया गया। जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
जोगी के खिलाफ खोला था मोर्चा, उन्हें बताया था फर्जी आदिवासी
नंदकुमार साय ने प्रदेश राजनीति में अजीत जोगी के खिलाफ मोर्चा खोला था।साथ ही उन्हें फर्जी आदिवासी बताया था। इसे लेकर उन्होंने कोर्ट में भी चुनौती दी थी। माना जा रहा है कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद वह एक बार फिर जोगी के खिलाफ मोर्चा खोल सकते है। बता दें कि यह सब तब हो रहा है,जब कांग्रेस से अलग होकर अजीत जोगी मौजूदा समय में प्रदेश में नई राजनीतिक ताकत बनने की कोशिश में है।