सभी विपक्षी दलों से बदलाव की प्रक्रिया में साथ मांगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट की घोषणा से ठीक एक दिन पहले भी सभी विपक्षी दलों से बदलाव की प्रक्रिया में साथ मांगा है। उन्होंने कहा कि सरकार बजट की प्रस्तुति में भी कई नए बदलाव ला रही है। ऐसे में विपक्ष को इन पर खुल कर चर्चा करने के लिए तैयार रहना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस बजट के दौरान सदन का बहिष्कार कर रही है।
मंगलवार को संसद का बजट सत्र शुरु होने से ठीक पहले संसद परिसर में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “पहली बार बजट एक फरवरी को हो रहा है। आप सबको स्मरण होगा कि हमारे देश में पहले बजट शाम को पांच बजे पेश होता था। अटलजी की सरकार के दौरान समय बदल कर इसे सुबह सदन प्रारंभ होते ही पेश किया जाना शुरू कर दिया गया।”
इसी तरह उन्होंने इस वर्ष से शुरू हो रही दो नई परंपराओं का भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा, “एक तो बजट करीब एक महीने पहले आ रहा है। दूसरा इसके साथ रेल बजट भी जोड़ दिया गया है। सदन में इस पर व्यापक चर्चा होगी और उससे आने वाले दिनों में क्या लाभ होने वाले हैं, यह भी मुखर हो कर आएगा। मेरा विश्वास है कि सभी राजनीतिक दल इस बार सदन को उत्तम चर्चा के साथ जनहित के काम को आगे बढ़ाने में उपयोग करेंगे।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों सभी राजनीतिक दलों के साथ उनकी सामूहिक और व्यक्तिगत रूप से चर्चा हुई है। इनसे जनहित के लिए बजट पर सार्थक और बारीकी से चर्चा की अपील की।
बुधवार को केंद्र सरकार अपना बजट पेश करेगी। यह पहला मौका होगा जब एक फरवरी को बजट पेश होगा। अब तक केंद्रीय बजट फरवरी महीने की अंतिम तारीख को पेश किया जाता था। इसी तरह रेल मंत्रालय का अलग बजट पेश किए जाने की परंपरा को भी इस बार खत्म कर दिया गया है। आर्थिक सुधारों और अर्थव्यवस्था की रफ्तार को तेजी देने में जुटी सरकार बजट के दौरान भी कई प्रभावी कदम उठाने की तैयारी में है।
लेकिन पिछले कुछ सत्रों से विपक्ष लगातार सदन के कामकाज को बाधित करने पर उतारू रहता है। इस बार भी तृणमूल कांग्रेस ने बजट का ही बहिष्कार कर दिया है। जबकि इस पर कोई भी विरोध बजट पेश किए जाने के बाद ही होता रहा है।

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