नोटबंदी के दौरान करोड़ों रुपये की नकदी रखने के आरोप में गिरफ्तार सुप्रीम कोर्ट के वकील रोहित टंडन की 42 करोड़ रुपये की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जब्त कर ली है।
रोहित टंडन पर कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा में करोड़ों रुपये का कालाधन फर्जी खातों में जमा कराकर सफेद कराने का आरोप है।
बैंक के मैनेजर आशीष कुमार को भी इस मामले गिरफ्तार किया गया था। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, रोहित टंडन अपने घर से मिले करोड़ों रुपये के नए और पुराने नोटों का सही स्त्रोत बताने में विफल रहा।
रोहित टंडन के दफ्तर और घर पर मारे गए छापे में 13.56 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। इसके साथ ही नोट गिनने वाली दो मशीने भी मिली थीं।
इसके पहले आयकर विभाग के छापे के बाद उसने आइडीएस के तहत 125 करोड़ रुपये का कालाधन घोषित किया था। लेकिन, नोटबंदी के बाद फिर मारे गए छापे में उसके पास से करोड़ों रुपये के नोट बरामद हो गए थे।
जांच एजेंसी को आशंका है कि कोलकाता के उद्योगपति पारसमल लोढ़ा के साथ मिलकर रोहित टंडन ने कई हाई प्रोफाइल लोगों के कालेधन को सफेद किया था।
लेकिन, पूछताछ में दोनों ने किसी भी हाई प्रोफाइल आदमी का नाम बताने से इन्कार कर दिया। उनका कहना था कि ये सारे पैसे उसके हैं।
पैसे का स्त्रोत बताने में विफल रहने के बाद ईडी ने उन्हें मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून के तहत जब्त करने का फैसला किया।