प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मणिपुर की राजधानी इम्फाल में एक जनसभा को संबोधित किय। 60 सदस्यों की मणिपुर विधानसभा के लिए चार और आठ मार्च को चुनाव होने हैं। इस दौरान मोदी ने कहा कि जो काम पिछले 15 सालों में नहीं हुए हैं, हम उन्हें 15 महीनों में करके दिखाएंगे।
गौरतलब है कि मणिपुर में पिछले 15 सालों से कांग्रेस है। इस चुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर देखी जा रही है। पिछले छह महीने में कांग्रेस के कई वरिष्ठ सदस्य जिनमें मंत्री भी शामिल हैं, वे पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो गए हैं।
मोदी ने रैली में कहा कि एक तरह 10 फीसद कमीशन वाले लोग हैं और दूसरी तरफ 100 फीसदी विकास वाले लोग हैं। फैसला आपको करना है। अब मणिपुर को 10 परसेंट वाला नहीं 0 परसेंट वाला मुख्यमंत्री चाहिए।
उधर, राज्य के छह उग्रवादी संगठनों की शीर्ष संस्था ने मोदी की यात्रा के विरोध में पूर्ण बंद का बुलाया है। उग्रवादियों का कहना है कि उनकी यह यात्रा मणिपुर की जनता को धोखा देने के लिए है। यह बंद सुबह 6 बजे से मोदी के रवाना होने तक जारी रहेगा।
गौरतलह है कि बीजेपी इस बार मणिपुर में अपने प्रमुख गठबंधन सहयोगी एनपीपी, एनपीएफ और लोक जनशक्ति पार्टी के बगैर चुनाव लड़ रही है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्य की मौजूदा कांग्रेस सरकार को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि ‘यहां मुख्यमंत्री 15 साल से बैठा है और कोई विकास का काम नहीं हुअा है। 15 सालों से मणिपुर लगातार नीचे गया। दिल्ली में भी उनकी सरकार थी, उसके बाद भी मणिपुर को बरबाद कर दिया गया।