जब मैं आपके सपने पूरे कर रही होंगी तो आप मेरे साथ नही होंगे मेरी कसम खाओ और तम्बाकू छोड़ दो

राजस्थान के हनुमानगढ जिले में एक 12 साल की बच्ची को तम्बाकू छोड़ो अभियान की ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है। कशिश नाम की इस बच्ची ने अपने पिता को तम्बाकू छोड़ने के लिए एक भावनात्मक पत्र लिखा था। यह पत्र उसके पड़ौस में रहने वाले एक व्यक्ति के जरिए जिला प्रशासन तक पहुंच गया। यह व्यक्ति अस्पताल में काम करता है।
कशिश ने पत्र में लिखा था कि मुझे लगता है कि जब मैं आपके सपने पूरे कर रही होंगी तो आप मेरे साथ नही होंगे। मुझे पता है कि जो लोग सिगरेट पीते है, तम्बाकू खाते है, वे बहुत जल्दी मर जाते है। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं पापा और आप भी मुझे बहुत प्यार करते हो, इसलिए मेरी कसम खाओ और तम्बाकू छोड़ दो।
इस पत्र को पढ़ने के बाद उसके पिता अशोक कुमार ने तुरंत तम्बाकू छोड़ दिया। अशोक बीते 15 साल गुटखा खा रहे थे। जिले के स्वास्थ्य विभाग ने कशिश के इस पत्र की 50 हजार प्रतियां तैयार करवा ली। इस पत्र में तम्बाकू से होने वाले नुकसानों को भी जोड़ दिया गया। इन्हें स्कूली बच्चों के बीच बंटवा दिया गया। इसे नाम दिया गया “कशिश की कोशिश”।
यह पत्र अब पूरे जिले में वितरित हो रहा है। हनुमानगढ के स्वास्थ्य विभाग ने अपनी निकट के बीकानेर और श्रीगंगानगर जिले के स्वास्थ्य विभााग को भी यह पत्र भेजा है। इन जिलों में भी इसे बांट कर बच्चों से गुटखा खने वाले अपने परिजनों को ऐसे पत्र लिखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *