आरटीआई संशोधन विधेयक में अधिनियम की धारा-२ में एक व्याख्या जोड़ी गई है जिसमें कहा गया है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-१९५१ के तहत राजनीतिक दल के रूप में मान्यता प्राप्त या पंजीकृत संस्था अथवा समूह को सार्वजनिक निकाय नहीं माना जाएगा। केंद्रीय सूचना आयोग के आदेश में कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी को सार्वजनिक निकाय बताया गया था।