यूपी चुनावों में करारी हार के बाद अखिलेश यादव ने जनादेश स्वीकारा और कहा कि उम्मीद है, अगली सरकार हमारे से ज्यादा अच्छा काम करेगी। हमसे ज्यादा अच्छी सड़कें बनाकर देंगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी लोकतंत्र में बहकावे से भी वोट मिल जाते हैं। कभी-कभी गरीब नहीं समझ पाता है कि उसे क्या चाहिए।
बकौल अखिलेश, शायद जनता ने बुलेट ट्रेन के लिए भाजपा को वोट दिया है। अब नई सरकार को पहली ही कैबिनेट बैठक में किसानों का कर्ज माफ कर देना चाहिए।
कांग्रेस के साथ गठबंधन पर अखिलेश ने कहा, यह साथ जारी रहेगा। कांग्रेस के होने से हमें फायदा हुआ है। ईवीएम के सवाल पर बोले- नई सरकार को बीएसपी के इस आरोप पर सोचना चाहिए कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ हुई है।
अखिलेश ने कहा- हम देखना चाहते हैं कि नोटबंदी वाला पैसा लोगों तक कब पहुंचता है।
हार के कारणों पर अखिलेश ने कहा, समीक्षा करूंगा, उसके बाद जिम्मेदारी लूंगा। बगैर समीक्षा करे कैसे जिम्मेदारी ले लूं। हमारी साइकिल ट्यूबलैस थी, इसलिए जोर नहीं पकड़ पाई। इसके बाद अखिलेश राजभवन गए और राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया।
वहीं चाचा शिवपाल यादव तो चुनाव जीतने में कामयाब रहे, पार्टी की बुरी हार का दुख जरूर है। शिवपाल का कहना है कि पार्टी को फिर से खड़ा करेंगे।
वहीं चुनाव परिणामों पर अब तक मुलायम सिंह की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।