मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश की जीवन रेखा मां नर्मदा के उदगम स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश के विकास एवं जनता की सुख समृद्धि एवं पर्यावरण संरक्षण की अकांक्षा के साथ मां नर्मदा को चुनरी चढ़ाई। नर्मदा मंदिर में वैदिक विधि-विधान के साथ एवं साधु-संतों के मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना की। यहीं से नर्मदा जय घोष के साथ 144 दिवसीय नमामि देवी नर्मदा सेवा यात्रा का आगाज भी किया।
पूजा-अर्चना में महामंडलेश्वर अवधेशानंद, चिदानंद स्वामी, कल्याण दास, अखिलेश्वरा नंद एवं विवेकानंद महाराज, विधानसभा अध्यक्ष सीतासरण शर्मा, लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ओम प्रकाश धुर्वे, सामान्य प्रशासन एवं नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योग राज्य मंत्री संजय पाठक, सांसद नंदकुमार चौहान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।सीएम कल शाम महाआरती में भी शामिल हुए।
नर्मदा यात्रा को लेकर पूरे अमरकंटक को दुल्हन की तरह सजाया गया है। पूरे अमरकंटक में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा बलों की 3 कंपनियां और जिला पुलिस बल के 200 जवान 35 से अधिक पुलिस अधिकारी तैनात हैं।
144 दिवसीय ‘नमामि देवि नर्मदे’ नर्मदा सेवा यात्रा पूरे विश्व को नदियों के संरक्षण का संदेश देगी। यह पर्यावरणीय चेतना जाग्रत करने का अनूठा जन-अभियान होगा। यह यात्रा 3344 किलोमीटर की होगी, जिसमें से 1909 किलोमीटर पदयात्रा होगी। प्रतिदिन पैदल और वाहन से 20 से 35 किलोमीटर की यात्रा जायेगी। 16 जिलोें के 51 विकासखंड और 1104 मजरे-टोलों से होकर यह यात्रा गुजरेगी। यात्रा का समापन 11 मई को अमरकंटक में होगा।