बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने केंद्र सरकार को सलाह दी है कि भारत को वन इंडिया पॉलिसी पर काम करना चाहिए। पाक अधिकृत कश्मीर में चीन के बढ़ते दखल को लेकर दलाई लामा ने कहा कि भारत यदि वन इंडिया की तर्ज पर काम करेगा तो चीन को इसका करारा जवाब मिलेगा।
रविवार को विधानसभा के सभागार में व्याख्यान के बाद मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि पीओके में चीन के बढ़ते दखल पर भारत और पाक सरकार को बैठकर बातचीत करनी चाहिए। इससे पहले उन्होंने व्याख्यान में कहा था कि चीन में बौद्ध धर्म को खत्म करने की कोशिश हुई थी, लेकिन आज वहां 40 करोड़ बौद्ध अनुयायी हैं।
वन चाइना पॉलिसी के मुताबिक चीन नाम का एक ही देश है और ताइवान चीन का ही एक प्रांत है। चीन सभी देशों से कूटनीतिक रिश्ते इसी पॉलिसी के तहत बनाता है। इस तरह दलाई लामा का वन इंडिया पॉलिसी पर जोर देने का मतलब है कि भारत से कूटनीतिक रिश्ते बनाने वाले देश पीओके को भारत का ही हिस्सा मानें।