खागरागढ़ में हुए ब्लास्ट के बाहरी तार जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्‍लादेश से जुड़े

साल 2015 के मुकाबले 2016 में पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा की सीमाओं पर हरकत-उल-जिहादी अल-इस्लामी और जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) के आतंकियों की घुसपैठ तीन गुना ज्‍यादा हुई है। घुसपैठ को लेकर बांग्लादेश सरकार द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गई एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2014 में बर्दवान जिले के खागरागढ़ में हुए ब्लास्ट की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेन्सी (एनआईए) ने जांच में पाया था कि उस ब्लास्ट के बाहरी तार जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्‍लादेश से जुड़े हैं।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि हूजी और जेएमबी के दो हजार से ज्‍यादा ऑपरेटिव इन तीनों राज्यों में घुस चुके हैं। इनमें से करीब 720 बंगाल की सीमा और बाकी 1,290 संदिग्ध असम और त्रिपुरा की सीमाओं से आए हैं। हालांकि रिपोर्ट को लेकर बंगाल सरकार के अधिकारियों को संदेह है। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2014 में 800 और 2015 में 659 लोगों ने घुसपैठ की थी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, खागरागढ़ की घटना के बाद इन आतंकियों के काम करने के तरीके में बदलाव आया है जिससे इन्हें ट्रैक करने में मुश्किलें आ रही थीं। बंगाल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘पहले ये मालदा, मुर्शिदाबाद या नदिया जैसे जिले से आते थे। अब वे असम और त्रिपुरा से होते हुए पश्चिम बंगाल में घुस रहे हैं। यह उनके लिए ज्‍यादा आसान और सुरक्षित है।
बंगाल गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस रिपोर्ट की सच्चाई जानने के लिए जानकारी एक‍त्रित की जा रही है। वहीं असम पुलिस के अतिरिक्त मुख्य निदेशक (एसबी) पल्लब भट्टाचार्य मानते हैं कि आतंकी गतिविधि में निश्चित ही बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना है कि पिछले छह महीने के दौरान जेएमबी के 54 संदिग्‍धों को गिरफ्तार किया गया है। घुसपैठ पर नजर रखने के लिए पुलिस अधिकारियों की एक कमेटी भी बनाई गई है जिसमें विधायक भी शामिल हैं।
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक 12 जनवरी को जेएमबी का सचिव इफ्तादुर रहमान फर्जी पासपोर्ट पर भारत आया था और यहां पर उसने असम व बंगाल में कई लोगों से संपर्क साधा था। खुफिया जानकारी के मुताबिक वह दिल्ली भी आ सकता है और उसका असली नाम सज्जाद हुसैन है। अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि 18 जनवरी को बांग्लादेश के मायमेनसिंह जिले में असम, पश्चिम बंगाल और नई दिल्ली में बैठे लोगों और जेएमबी और हूजी के शीर्ष नेतृत्व के बीच मीटिंग हुई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *